मेरा कर दे डौला तैयार

मेरा कर दे डौला तैयार माँ मनै सासरै जाणा
हो मेरा आवैगा भरतार माँ मनै सासरै जाणा

तेरे आंगण की टूम रही मां सब मर्यादा राखी सै
दूसरे घर मनै जाणा सै मां कुदरत नै लिख राखी सै
आंच ना आवै बाबू पै कदे सिर बीरां का झुकै नही
नीचा देख चलूंगी मां मेरे कदम कदे भी रूकैं नही
मार लेऊंगी खुद नै मां जै करूं ओपरा कार माँ मनै सासरै जाणा
हो मेरा आवैगा भरतार माँ मनै सासरै जाणा

घर भीतर के काम करूँगी सेवा सास्सू सुसरे की
इज्जत राखूं गी मैं सदा मां घर मैं आये दूसरे की
काम करण तै कदे ना हारूँ न्यू तो तू भी जाणै सै
बीर का परदा ठीक रहै सै सारी दुनिया जाणै सै
तेरा आंगण छोड़ मिल्या मनै नया परिवार माँ मनै सासरै जाणा
हो मेरा आवैगा भरतार माँ मनै सासरै जाणा

गेल पिया के खेत कमाऊं घर मैं बैठ के काढूंगी
अपणे काम मैं शर्म किसी माँ क्यूकर सुथरी लागूँगी
वो भी तो माणस सै बिचारा दिन तै पहलां जा ले सै
उसनै भी मेरा होज्या सहारा के सब तै ज्यादा खा ले सै
प्रेम तै मिल कै रहूं कदे ना होवै तक़रार मां मनै सासरै जाणा
हो मेरा आवैगा भरतार माँ मनै सासरै जाणा

यू तो गा दे कुछ भी लिख कै जो किम्मे सुथरा साजैगा
देख लियो कदे इसका हुनर भी इस धरती पै बाजैगा
“दीप” नै प्यारा सै हरियाणा शब्दां मैं सत होवै सै
आज काल तो घणे “जांगड़ा” बीर की इज्जत खोवै सै
अपणी बात मैं नाप दिया आज संसार माँ मनै सासरै जाणा
हो मेरा आवैगा भरतार माँ मनै सासरै जाणा

मेरा कर दे डौला तैयार माँ मनै सासरै जाणा
हो मेरा आवैगा भरतार माँ मनै सासरै जाणा

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