हूक

चली रे चली मेरी गाडी है चली।
टेडी,मेडी राहों पे दोडे ये चली।।
उडी रे उडी जुल्फ़ उसकी है उडी ।
फिज़ाओं मैं जिसकी चर्चा है बड़ी।
बड़ी रे बड़ी यहां ठन्डक है बड़ी।
चली रे चली मेरी गाड़ी है चली।
ऐसे मैं वो मुझको, कहीं से पुकारे।
आंचल मैं वो मुझको छिपाले।।
चली रे चली मेरी गाडी है चली।
टेढी मेढी राहों पे दोडे ये चली।।
हवाओं से उसकी खुशबू आ रही है।
कहीं न कहीं चहक वो रही है।।
बड़ी रे बड़ी धडकन दिल की है बड़ी।
उससे मिलन की घड़ी पास आ रही है।।
चली रे चली________

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